✈️ हवाई जहाज में खाना बेस्वाद क्यों लगता है? जानिए इसके पीछे छिपा विज्ञान
कल्पना कीजिए: आप हवाई जहाज में बैठे हैं, खिड़की से बादलों को निहारते हुए क्रू द्वारा परोसे गए भोजन का इंतज़ार कर रहे हैं। जैसे ही गरमागरम खाना सामने आता है, आप चखते हैं… और अचानक मन में सवाल उठता है — “यही खाना ज़मीन पर कितना स्वादिष्ट लगता है, लेकिन यहाँ फ्लाइट में इसका स्वाद इतना फीका क्यों लग रहा है?”
क्या आपको भी कभी ऐसा लगा है? तो आइए जानते हैं — इसका कारण भोजन नहीं, बल्कि विज्ञान है।
🌬️ स्वाद का दुश्मन: हवा में बदले हुए हालात
जब हम हवाई जहाज में होते हैं, तो हमारा शरीर ज़मीन की तुलना में बहुत अलग परिस्थितियों का सामना कर रहा होता है। हवाई जहाज के अंदर का वातावरण हमारी स्वाद और गंध की क्षमता को सीधे प्रभावित करता है। जानिए कैसे:
1. कम नमी वाली हवा (Low Humidity)
केबिन में हवा अत्यधिक शुष्क (10-20% ह्यूमिडिटी) होती है, जबकि सामान्यतः ज़मीन पर यह 30-60% होती है।
➡️ इससे हमारी नाक और मुँह सूख जाते हैं, जिससे गंध और स्वाद पहचानने की क्षमता 30% तक घट जाती है।
2. केबिन प्रेशर (Cabin Pressure)
उड़ान के दौरान विमान को 6,000 से 8,000 फीट ऊँचाई के प्रेशर पर सेट किया जाता है।
➡️ यह हमारे रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा घटाता है, जिससे गंध की संवेदनशीलता कम हो जाती है।
3. बैकग्राउंड नॉइस (Background Noise)
जर्नल Food Quality and Preference में प्रकाशित शोध के अनुसार, तेज़ इंजन की आवाज़ और निरंतर शोर (85 डेसीबल तक) का प्रभाव भी स्वाद बोध पर पड़ता है।
➡️ विशेष रूप से मीठे और नमकीन स्वाद की पहचान 15-30% तक कम हो जाती है।
🍛 फ्लाइट में खाना बेस्वाद क्यों लगता है?
अब सवाल उठता है — क्या एयरलाइन्स बेस्वाद खाना देती हैं?
नहीं! असल में एयरलाइन्स कैटरिंग टीमें इस चुनौती से निपटने के लिए खास प्रयास करती हैं।
🧂 स्वाद को बढ़ाने के लिए रेसिपी में बदलाव:
- अधिक मसाले और नमक: स्वाद को तीव्र करने के लिए ज़्यादा नमक और मसाले मिलाए जाते हैं।
- अम्लीय तत्वों का इस्तेमाल: नींबू का रस, टमाटर या विनेगर जैसे पदार्थ, जो गंध और स्वाद को बढ़ाते हैं।
- ‘उमामी’ स्वाद पर फोकस: टोमेटो सॉस, सोया सॉस, मशरूम जैसी चीज़ें जिनका स्वाद गहराई से बना रहता है।
🧠 वैज्ञानिक तर्क: स्वाद और गंध का संबंध
हमारा स्वाद लगभग 80% गंध पर निर्भर करता है। जब आप कोई चीज़ खाते हैं, तो उसका स्वाद महसूस करने के लिए नाक से गंध लेना आवश्यक होता है। परंतु सूखी और कम ऑक्सीजन युक्त केबिन हवा हमारी नासिका को प्रभावित करती है, जिससे स्वाद फीका लगने लगता है।
🤔 रोचक तथ्य: कौन सा स्वाद सबसे बेहतर लगता है उड़ान में?
वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, “उमामी” — यानी पनीर, टमाटर, सोया, मांसाहारी शोरबा — जैसे स्वाद फ्लाइट में सबसे बेहतर टिकते हैं।
यही कारण है कि:
- Lufthansa जैसी एयरलाइन्स टमाटर का जूस अधिक परोसती हैं।
- कुछ एशियाई एयरलाइन्स उड़ानों में मिसो सूप या सॉया बेस्ड व्यंजन पेश करती हैं।
🚀 भविष्य में क्या?
वर्तमान में कई एयरलाइन्स अब “हवा में स्वाद बढ़ाने वाले ऑडियो” पर काम कर रही हैं।
👉 यह खास तरह की बैकग्राउंड म्यूज़िक है जो मीठे और नमकीन स्वाद को बेहतर अनुभव कराने में मदद कर सकती है।
✅ निष्कर्ष: दोष खाना नहीं, हालात का है!
इसलिए अगली बार जब आप हवाई यात्रा करें और खाना थोड़ा फीका लगे — तो जान लीजिए, यह खाना नहीं, बल्कि हवा, ऊँचाई, दबाव और आपके शरीर की प्रतिक्रिया का असर है।
तो अगली बार फ्लाइट में खाना खाते समय यह लेख जरूर याद आएगा — और शायद आप स्वाद में थोड़ा और जानबूझकर ‘महसूस’ कर पाएँगे।
आपका क्या अनुभव रहा?
क्या आपने भी कभी फ्लाइट में खाने का स्वाद फीका पाया है? क्या आपको लगता है कि बैकग्राउंड नॉइस या कम ऑक्सीजन ने आपके स्वाद को प्रभावित किया? अपने अनुभव नीचे कमेंट सेक्शन में साझा करें – और पोस्ट को शेयर करना न भूलें!
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