पाकिस्तान बनाएगा नई मिसाइल फोर्स: ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्यों उठाया यह कदम?
📌 परिचय | Introduction
भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए संघर्ष “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद पाकिस्तान ने एक नया सैन्य कदम उठाया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर “आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड” (Army Rocket Force Command – ARFC) के गठन की घोषणा की।
इस नई फोर्स का उद्देश्य है:
- पारंपरिक मिसाइलों और रॉकेट प्रणालियों की तैनाती
- कमान और नियंत्रण को मजबूत करना
- भारतीय मिसाइल क्षमताओं का संतुलन साधना
🛡️ ऑपरेशन सिंदूर: क्या हुआ था? | What was Operation Sindoor?
- 6-7 मई 2025 की रात भारत ने पाकिस्तान और पीओके (Pakistan-occupied Kashmir) में सैन्य हवाई अभियान चलाया।
- भारत का दावा: यह हमला उस आतंकी साजिश के जवाब में था, जिसमें अप्रैल में पहलगाम में हुए हमले में 26 लोग मारे गए थे (ज्यादातर हिंदू पर्यटक)।
- संघर्ष के दौरान ड्रोन, तोपखाने और मिसाइल हमलों में दोनों देशों को नुकसान हुआ।
- पाकिस्तान को इस ऑपरेशन में भारी क्षति उठानी पड़ी, जिसने उसे नई फोर्स बनाने के लिए मजबूर किया।
🚀 आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड (ARFC) | Army Rocket Force Command
पाकिस्तान इस नई फोर्स को चीन की People’s Liberation Army Rocket Force (PLARF) की तर्ज पर बना रहा है।
🔹 मुख्य उद्देश्य:
- पारंपरिक मिसाइलों और रॉकेटों की कमान और नियंत्रण
- रणनीतिक लचीलापन और युद्धक क्षमता बढ़ाना
- छोटे तोपखाने और परमाणु मिसाइलों के बीच की खाई को भरना
🔹 शामिल मिसाइलें:
- फ़तह सीरीज: फतह-1, फतह-2, फतह-3 और फतह-4
- फतह-4:
- रेंज: 750 किमी
- पेलोड क्षमता: 330 किलोग्राम तक
👉 यह फोर्स परमाणु हथियारों पर नहीं बल्कि पारंपरिक हमलों पर केंद्रित होगी।
⚔️ भारत और पाकिस्तान की मिसाइल क्षमताएँ | India vs Pakistan Missile Capabilities
- भारत:
- ब्रह्मोस, पृथ्वी, अग्नि सीरीज
- लंबी दूरी और सटीक हमले की क्षमता
- पाकिस्तान:
- फ़तह सीरीज
- मुख्य रूप से शॉर्ट और मीडियम रेंज
👉 पाकिस्तान का मानना है कि यह नई फोर्स उसे भारत के लंबी दूरी के मिसाइल हमलों का जवाब देने में मदद करेगी।
🌍 क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर | Impact on Regional Security
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- यह कदम दक्षिण एशिया में हथियारों की दौड़ को और तेज़ कर सकता है।
- भारत और पाकिस्तान दोनों को अब अपनी रणनीतियों को फिर से संतुलित करना होगा।
- यह तनाव क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है।
🗨️ पाकिस्तान का बयान | Pakistan’s Statement
- शहबाज शरीफ़:
- “यह फोर्स हमारी सेना की क्षमताओं को नई ऊँचाई पर ले जाएगी।”
- “हमारे परमाणु हथियार केवल रक्षा उद्देश्यों के लिए हैं।”
- सेना प्रमुख आसिम मुनीर:
- “पाकिस्तान एक परमाणु राष्ट्र है। अगर हमें खतरा होगा तो हम दुश्मन को साथ लेकर डूबेंगे।”
- “भारत ने अगर सिंधु नदी पर बाँध बनाया तो हम उसे 10 मिसाइलों से नष्ट कर देंगे।”
✅ निष्कर्ष | Conclusion
पाकिस्तान द्वारा नई मिसाइल फोर्स का गठन सीधे तौर पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर की प्रतिक्रिया है।
- यह फोर्स पाकिस्तान की रणनीतिक क्षमता बढ़ाएगी।
- लेकिन साथ ही यह दक्षिण एशिया की सुरक्षा चुनौतियों को और जटिल बनाएगी।
👉 आने वाले समय में भारत और पाकिस्तान के बीच मिसाइल और रक्षा तकनीक की होड़ और तेज़ हो सकती है।
आपकी राय
आपके विचार में — क्या पाकिस्तान की यह नई मिसाइल फोर्स भारत के लिए वास्तविक खतरा है या यह केवल सैन्य-राजनीतिक दिखावा है?
👇 कमेंट में अपनी राय ज़रूर दें।
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