Prakash Parv: The Festival of Light and Humanity in Sikhism

प्रकाश पर्व: सत्य, समानता और मानवता का संदेश देने वाला सिख त्योहार

प्रकाश पर्व सिख धर्म का एक पवित्र, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक त्योहार है। यह पर्व सिखों के प्रथम गुरु, गुरु नानक देव जी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार उनके आदर्शों, शिक्षाओं और मानवता-सेवा के संदेश को स्मरण करने का अवसर प्रदान करता है। प्रकाश पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह सत्य, समानता, शांति और ज्ञान के प्रकाश को समाज में फैलाने का प्रतीक भी है।

Religious and Social Importance of Prakash Parv

प्रकाश पर्व का धार्मिक और सामाजिक महत्व

प्रकाश पर्व सिख समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दिन गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को आत्मसात करने और उन्हें जीवन में उतारने का अवसर देता है।

  • यह पर्व समानता और भाईचारे के सिद्धांतों को मजबूत करता है
  • यह मानवता और सेवा भाव को बढ़ावा देता है
  • यह सिख धर्म की आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है
  • यह सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को एक साथ जोड़ता है

Historical Background of Prakash Parv

प्रकाश पर्व की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

प्रकाश पर्व की शुरुआत एक महान ऐतिहासिक घटना से जुड़ी है। वर्ष 1469 ईस्वी में गुरु नानक देव जी का जन्म तलवंडी गाँव, वर्तमान ननकाना साहिब (पाकिस्तान) में हुआ। वे बचपन से ही मेधावी, दयालु और सत्यप्रिय थे।

उस समय समाज में अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव, सामाजिक अन्याय और धार्मिक पाखंड व्याप्त थे। गुरु नानक देव जी ने इन बुराइयों का विरोध करते हुए सत्य, शांति, प्रेम, सेवा और ज्ञान का मार्ग चुना। उन्होंने एक ईश्वर की उपासना और सभी मनुष्यों की समानता का स्पष्ट संदेश दिया। उनकी इन्हीं शिक्षाओं की स्मृति में प्रकाश पर्व मनाया जाने लगा, जो आगे चलकर अन्य नौ गुरुओं को भी समर्पित हो गया।

Ten Gurus of Sikhism

सिख धर्म के दस गुरु

प्रकाश पर्व सिख धर्म के सभी दस गुरुओं की शिक्षाओं और योगदान को स्मरण करने का पर्व है।

  • गुरु नानक देव जी
  • गुरु अंगद देव जी
  • गुरु अमर दास जी
  • गुरु राम दास जी
  • गुरु अर्जुन देव जी
  • गुरु हरगोबिंद जी
  • गुरु हर राय जी
  • गुरु हरकृष्ण जी
  • गुरु तेग बहादुर जी
  • गुरु गोबिंद सिंह जी

गुरु गोबिंद सिंह जी सिखों के अंतिम गुरु थे। उन्होंने यह घोषणा की कि आगे से श्री गुरु ग्रंथ साहिब ही सिखों के शाश्वत गुरु होंगे। यह निर्णय सिख धर्म में ज्ञान और वाणी की सर्वोच्चता को दर्शाता है।

When Is Prakash Parv Celebrated?

प्रकाश पर्व कब मनाया जाता है?

प्रकाश पर्व प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जो सामान्यतः अक्टूबर या नवंबर महीने में पड़ता है। चंद्र पंचांग के अनुसार इसकी तिथि हर वर्ष बदलती रहती है।

वर्ष 2025 में प्रकाश पर्व 5 नवंबर 2025 को मनाया गया। इसके बाद आगामी प्रकाश पर्व की निश्चित तिथि 24 नवंबर 2026 है, जब गुरु नानक देव जी की जयंती कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाएगी। यह तिथि सिख धार्मिक कैलेंडर और चंद्र पंचांग पर आधारित है।

Major Rituals and Celebrations

प्रकाश पर्व पर होने वाले प्रमुख अनुष्ठान

प्रकाश पर्व के दिन गुरुद्वारों और सिख समुदाय में अनेक धार्मिक और सामाजिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।

  • श्री गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ, जो कई स्थानों पर 7–8 घंटे या 48 घंटे तक चलता है
  • नगर कीर्तन और भजन-कीर्तन का आयोजन
  • लंगर सेवा, जिसमें बिना किसी भेदभाव के सभी को मुफ्त भोजन दिया जाता है
  • गुरुद्वारों को रंगीन लाइटों और दीपों से सजाया जाता है
  • सेवा और दान की परंपरा निभाई जाती है

Spiritual Message of Prakash Parv

प्रकाश पर्व का आध्यात्मिक संदेश

प्रकाश पर्व का मूल संदेश एक ईश्वर में विश्वास, पाखंड और आडंबर का त्याग, मानवता की सेवा, आत्मिक शुद्धता, ध्यान तथा समानता और भाईचारे को अपनाना है। इस दिन सिख श्रद्धालु अपने भीतर के अज्ञान और अहंकार को त्यागकर आध्यात्मिक प्रकाश की ओर अग्रसर होने का संकल्प लेते हैं।

Conclusion

निष्कर्ष

प्रकाश पर्व केवल सिखों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज को सत्य, प्रेम, समानता और सेवा का सार्वभौमिक संदेश देता है। गुरु नानक देव जी और अन्य गुरुओं की शिक्षाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं।

My Opinion

मेरे विचार से प्रकाश पर्व आज के समय में सामाजिक सौहार्द, मानवीय मूल्यों और आपसी सम्मान को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। आपके अनुसार प्रकाश पर्व आधुनिक समाज में किस प्रकार भाईचारे और मानवता को और अधिक सुदृढ़ कर सकता है? अपने विचार कमेंट सेक्शन में अवश्य साझा करें।

Stay Connected with Us!

Follow us for updates on new courses, offers, and events from Saint Joseph’s Academy.

Don’t miss out, click below to join our channel:


Follow Our WhatsApp Channel

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top