Today's Current Affairs: Comprehensive Daily Analysis for Competitive Exams (26 September 2026)
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26 सितंबर 2026 के महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स: UPSC, SSC और राज्य लोक सेवा आयोग के लिए विस्तृत और गहन विश्लेषण
प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्कृष्ट तैयारी कर रहे सभी गंभीर और समर्पित छात्रों के लिए दैनिक समसामयिक घटनाओं (Daily Current Affairs) की स्पष्ट, प्रामाणिक और बहुआयामी समझ सफलता की सबसे अनिवार्य कुंजी है। चाहे आपका लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की अत्यंत प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा हो, कर्मचारी चयन आयोग (SSC CGL/CHSL), बैंकिंग क्षेत्र (IBPS/SBI PO), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), या फिर किसी भी राज्य का लोक सेवा आयोग (State PCS) हो; सामान्य अध्ययन (General Studies) के सभी प्रश्नपत्रों में समसामयिकी (Current Affairs) का महत्व लगातार बढ़ रहा है। आज, 26 सितंबर 2026 के इस विशेष और विस्तृत अध्ययन अंक में, हम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पटल पर घटित उन सभी प्रमुख और ऐतिहासिक घटनाओं का अत्यंत गहन और विश्लेषणात्मक परीक्षण करेंगे जो आपकी आगामी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। इस विश्लेषण का मूल उद्देश्य केवल सतही सूचनाएं या तथ्य एकत्र करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक घटना के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, उसके संवैधानिक और वैधानिक आधार, आर्थिक प्रभाव तथा समाज और राष्ट्र पर पड़ने वाले उसके बहुआयामी प्रभावों को उजागर करना है। Saint Joseph's Academy Foundation का यह अटूट संकल्प है कि देश के प्रत्येक होनहार अभ्यर्थी को परीक्षा-उन्मुख, उच्चतम गुणवत्ता वाली और व्यापक अध्ययन सामग्री बिल्कुल मुफ्त और सहजता से उपलब्ध कराई जाए। आइए, आज के अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का चरणबद्ध और विस्तृत विश्लेषण प्रारंभ करते हैं।
आज के प्रमुख घटनाक्रमों का त्वरित सार (Daily Synopsis & Quick Summary)
विस्तृत और गहन व्याख्या में प्रवेश करने से पूर्व, आज की शीर्ष घटनाओं की रूपरेखा और संबंधित सामान्य अध्ययन (General Studies) प्रश्नपत्रों के साथ उनके सीधे अंतर्संबंधों को इस तालिका के माध्यम से संक्षेप में समझें:
| क्र.सं. | विषय क्षेत्र / श्रेणी (Category) | प्रमुख समाचार एवं घटनाक्रम (Headline) | परीक्षा प्रासंगिकता (GS Paper Linkage) |
|---|---|---|---|
| 1 | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science & Tech) | वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) का 85वां स्थापना दिवस; देश भर की प्रयोगशालाओं में 'ओपन डे' का आयोजन। | GS Paper 3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां और स्वदेशीकरण। |
| 2 | पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Environment) | 'विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस 2026' (World Environmental Health Day); मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र का अंतर्संबंध। | GS Paper 3: पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन का प्रभाव। |
| 3 | अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं सुरक्षा (IR & Security) | परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस (UN International Day for the Total Elimination of Nuclear Weapons)। | GS Paper 2: अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं, वैश्विक संधियां; GS Paper 3: आंतरिक सुरक्षा। |
| 4 | अर्थव्यवस्था एवं राष्ट्रीय नीतियां (Economy) | 'मेक इन इंडिया' (Make in India) के 12 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियों की समीक्षा और भारत का विनिर्माण (Manufacturing) महाशक्ति बनने का रोडमैप। | GS Paper 3: भारतीय अर्थव्यवस्था, औद्योगिक नीतियां, और रोजगार सृजन। |
| 5 | विविध एवं महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान (Misc. GK) | शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार का इतिहास; 'पर्पल रिवोल्यूशन' (Purple Revolution) और भारत में कृषि-तकनीकी नवाचार। | प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): राष्ट्रीय पुरस्कार, योजनाएं और कृषि क्रांतियां। |
1. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) का 85वां स्थापना दिवस
26 सितंबर का दिन भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इतिहास में एक अत्यंत स्वर्णिम दिन माना जाता है। आज ही के दिन, 26 सितंबर 1942 को भारत के प्रमुख अनुसंधान और विकास (R&D) संगठन, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (Council of Scientific and Industrial Research - CSIR) की स्थापना की गई थी। आज, 26 सितंबर 2026 को CSIR अपना ऐतिहासिक 85वां स्थापना दिवस पूरे देश में अत्यंत हर्षोल्लास और वैज्ञानिक गर्व के साथ मना रहा है। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Science and Technology) द्वारा वित्तपोषित यह स्वायत्त निकाय, आज देश भर में 37 अत्याधुनिक राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, 39 दूरस्थ केंद्रों, 3 इनोवेशन कॉम्प्लेक्स और 5 से अधिक पैन-इंडिया केंद्रों का एक विशाल नेटवर्क संचालित करता है।
प्रशासनिक संरचना और नेतृत्व: प्रतियोगी परीक्षाओं (विशेषकर UPSC और SSC) में अक्सर CSIR की प्रशासनिक संरचना से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। यह ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि CSIR के पदेन अध्यक्ष (Ex-officio President) भारत के प्रधानमंत्री होते हैं, जबकि केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री इसके उपाध्यक्ष होते हैं। इसका दैनिक प्रशासन एक महानिदेशक (Director General) द्वारा चलाया जाता है।
CSIR की ऐतिहासिक उपलब्धियां और वर्तमान नवाचार: पिछले 85 वर्षों में, CSIR ने भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था को बदलने में अतुलनीय योगदान दिया है। भारतीय चुनावों में इस्तेमाल होने वाली 'अमिट स्याही' (Indelible Ink) से लेकर, भारत के पहले स्वदेशी ट्रैक्टर 'स्वराज' (Swaraj) के निर्माण तक; और दृष्टि (Drishti) ट्रांसमिसोमीटर (जो हवाई अड्डों पर सुरक्षित लैंडिंग में मदद करता है) से लेकर एरोमा मिशन (Aroma Mission) तक, CSIR का योगदान सर्वव्यापी है। हाल के वर्षों में, CSIR ने जम्मू-कश्मीर में 'पर्पल रिवोल्यूशन' (बैंगनी क्रांति) का नेतृत्व किया है, जिसके तहत लेवेंडर (Lavender) की खेती को बढ़ावा देकर हजारों किसानों की आय में कई गुना वृद्धि की गई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) के तहत स्वदेशी इलेक्ट्रोलाइज़र तकनीक विकसित करने और विमानन क्षेत्र के लिए 'सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल' (SAF) के निर्माण में CSIR-IIP (देहरादून) जैसी प्रयोगशालाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
ओपन डे (Open Day) और जिज्ञासा (Jigyasa) कार्यक्रम: 85वें स्थापना दिवस के अवसर पर, चेन्नई स्थित CSIR-SERC (संरचनात्मक इंजीनियरिंग अनुसंधान केंद्र) और CSIR-CECRI (इलेक्ट्रोकेमिकल अनुसंधान) सहित देश भर की विभिन्न प्रयोगशालाओं ने 'ओपन डे' (Open Day) का आयोजन किया है। इस पहल के तहत स्कूली छात्रों, शोधकर्ताओं और आम जनता को प्रयोगशालाओं में आमंत्रित किया जाता है ताकि वे विज्ञान के चमत्कारों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें। CSIR का 'जिज्ञासा' (Jigyasa) कार्यक्रम, जो छात्रों को वैज्ञानिकों से जोड़ता है, भारत में वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temper - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत एक मौलिक कर्तव्य) को विकसित करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और सफल कदम है।
2. पर्यावरण और पारिस्थितिकी: विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस (World Environmental Health Day)
मानव स्वास्थ्य और हमारे प्राकृतिक पर्यावरण के बीच मौजूद अत्यंत गहरे और अटूट संबंध के प्रति वैश्विक जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से, प्रतिवर्ष 26 सितंबर को विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस (World Environmental Health Day) मनाया जाता है। इस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय दिवस की शुरुआत वर्ष 2011 में इंडोनेशिया के बाली में आयोजित इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एनवायर्नमेंटल हेल्थ (International Federation of Environmental Health - IFEH) की बैठक के दौरान की गई थी। तब से लेकर आज तक, यह दिन हमें याद दिलाता है कि एक स्वस्थ ग्रह के बिना एक स्वस्थ मानव समाज की कल्पना करना पूर्णतः असंभव है।
पर्यावरण स्वास्थ्य और मानव अस्तित्व का अंतर्संबंध: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में होने वाली कुल बीमारियों और मृत्यु दर का लगभग 24-25% हिस्सा सीधे तौर पर खराब पर्यावरणीय परिस्थितियों—जैसे वायु प्रदूषण, दूषित पेयजल, अपर्याप्त स्वच्छता (Sanitation) और जहरीले रसायनों के संपर्क—के कारण होता है। प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (Particulate Matter - PM2.5 और PM10) केवल श्वसन तंत्र (Asthma, COPD) को ही नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि ये हृदय रोगों (Cardiovascular diseases), स्ट्रोक और यहां तक कि फेफड़ों के कैंसर का भी एक प्रमुख कारण बन चुके हैं। इसी प्रकार, जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण बढ़ता तापमान 'हीटवेव' (Heatwaves) की घटनाओं को बढ़ा रहा है और मलेरिया तथा डेंगू जैसी जल-जनित एवं मच्छर-जनित (Vector-borne) बीमारियों के भौगोलिक दायरे का विस्तार कर रहा है। 'वन हेल्थ' (One Health) का दृष्टिकोण भी यही सिखाता है कि मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वास्थ्य तीनों एक-दूसरे से अविभाज्य रूप से जुड़े हुए हैं।
भारत सरकार की प्रमुख पर्यावरण और स्वास्थ्य पहल (Exam Perspective): UPSC GS Paper 3 (पर्यावरण) के लिए भारत के राष्ट्रीय प्रयासों को जानना अनिवार्य है। भारत सरकार ने पर्यावरण स्वास्थ्य को सुधारने के लिए कई दूरगामी नीतियां लागू की हैं:
- राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Programme - NCAP): वर्ष 2019 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम का लक्ष्य देश के 131 'नॉन-अटेनमेंट शहरों' (Non-attainment cities) में पार्टिकुलेट मैटर (PM) के स्तर को 2026 तक 40% तक कम करना है।
- जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission): इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत के सभी घरों में 2024-26 तक सुरक्षित और पर्याप्त मात्रा में नल का जल (Tap Water) उपलब्ध कराना है, जिससे हैजा और टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगा है।
- मिशन LiFE (Lifestyle for Environment): प्रधानमंत्री द्वारा COP26 (ग्लासगो) में प्रस्तुत इस वैश्विक पहल का उद्देश्य व्यक्तिगत स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को अपनाना है, ताकि संसाधनों के अंधाधुंध उपभोग (Mindless consumption) को रोका जा सके।
- राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (NAPCC): इसके अंतर्गत आठ राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं जो सौर ऊर्जा, संधारणीय कृषि और जल संरक्षण के माध्यम से पर्यावरण स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं।
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3. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस
वैश्विक शांति, सुरक्षा और मानव जाति के अस्तित्व की रक्षा के प्रति अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के लिए, संयुक्त राष्ट्र (United Nations) द्वारा प्रतिवर्ष 26 सितंबर को 'परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस' (International Day for the Total Elimination of Nuclear Weapons) मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने दिसंबर 2013 में अपने संकल्प (Resolution 68/32) के माध्यम से इस दिवस की घोषणा की थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य आम जनता और वैश्विक नेताओं के बीच परमाणु हथियारों से उत्पन्न होने वाले विनाशकारी और अकल्पनीय खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा एक परमाणु हथियार-मुक्त दुनिया (Nuclear-Weapon-Free World) के सामान्य लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को लामबंद करना है।
वैश्विक परमाणु परिदृश्य और चिंताएं: वर्तमान समय में दुनिया भर में लगभग 12,000 से अधिक परमाणु हथियार मौजूद हैं, जिनमें से अधिकांश अमेरिका और रूस के पास हैं। हाल के भू-राजनीतिक तनावों (जैसे रूस-यूक्रेन संघर्ष, मध्य-पूर्व संकट और ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव) ने परमाणु हथियारों के संभावित उपयोग के जोखिम को शीत युद्ध (Cold War) के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। न्यू स्टार्ट संधि (New START Treaty) जैसी ऐतिहासिक हथियार नियंत्रण संधियों के निलंबन और नए सामरिक हथियारों की होड़ ने वैश्विक चिंता को और अधिक गहरा कर दिया है।
भारत का परमाणु सिद्धांत (India's Nuclear Doctrine) और कूटनीतिक रुख: भारत एक जिम्मेदार परमाणु संपन्न राष्ट्र है और उसका परमाणु सिद्धांत (Nuclear Doctrine) पूर्णतः पारदर्शी और रक्षात्मक प्रकृति का है। भारत की परमाणु नीति के दो सबसे प्रमुख और आधारभूत स्तंभ हैं:
- नो फर्स्ट यूज़ (No First Use - NFU): भारत कभी भी किसी भी युद्ध या संघर्ष में पहले परमाणु हथियार का उपयोग नहीं करेगा।
- विश्वसनीय न्यूनतम निवारक (Credible Minimum Deterrence): भारत केवल इतने ही परमाणु हथियार रखेगा जो किसी भी शत्रु देश को भारत पर हमला करने से रोकने (Deter) के लिए पर्याप्त हों। यदि कोई देश भारत पर परमाणु हमला करता है, तो भारत का जवाबी हमला इतना व्यापक और विनाशकारी होगा कि हमलावर देश का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।
भारत हमेशा से सार्वभौमिक, गैर-भेदभावपूर्ण और सत्यापन योग्य (Universal, Non-discriminatory, and Verifiable) परमाणु निरस्त्रीकरण का प्रबल समर्थक रहा है। वर्ष 1988 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा प्रस्तुत 'राजीव गांधी एक्शन प्लान' भारत के इसी दृढ़ संकल्प का प्रमाण था। भारत ने परमाणु अप्रसार संधि (NPT) और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि भारत इन्हें अत्यधिक भेदभावपूर्ण मानता है जो केवल 'परमाणु सम्पन्न' और 'परमाणु विहीन' देशों के बीच एक कृत्रिम विभाजन पैदा करती हैं। हालांकि, भारत हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के वैश्विक विमर्श का पूरी तरह से समर्थन करता है।
4. अर्थव्यवस्था एवं राष्ट्रीय नीतियां: 'मेक इन इंडिया' की हालिया उपलब्धियां
भारत को वैश्विक डिजाइन और विनिर्माण (Manufacturing) के एक प्रमुख केंद्र में बदलने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 सितंबर 2014 को 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल की ऐतिहासिक शुरुआत की गई थी। इस सप्ताह, सितंबर 2026 में, इस महत्वाकांक्षी योजना ने सफलतापूर्वक अपने 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह योजना न केवल एक आर्थिक कार्यक्रम है, बल्कि यह राष्ट्र-निर्माण और 'आत्मनिर्भर भारत' (Self-reliant India) की आधारशिला बन चुकी है। 12 वर्षों की इस लंबी यात्रा में, भारतीय अर्थव्यवस्था को 'फ्रेजाइल फाइव' (Fragile Five) से विश्व की शीर्ष पांच (Top 5) सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने में मेक इन इंडिया का अतुलनीय योगदान रहा है।
'मेक इन इंडिया' के चार मुख्य वैचारिक स्तंभ:
- नई प्रक्रियाएं (New Processes): व्यापार करने की सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) मानदंडों को उदार बनाना और लालफीताशाही (Red tapism) को समाप्त करना।
- नया बुनियादी ढांचा (New Infrastructure): आधुनिक औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors), स्मार्ट शहरों, अत्याधुनिक बंदरगाहों और विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक्स पार्कों का निर्माण करना।
- नए क्षेत्र (New Sectors): विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और सेवा गतिविधियों में 27 प्रमुख क्षेत्रों (जैसे रक्षा, अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा) की पहचान करना और उन्हें वैश्विक मानकों तक ले जाना।
- नई सोच (New Mindset): सरकार को एक कठोर नियामक (Regulator) के बजाय उद्योग जगत के एक सुविधाप्रदाता (Facilitator) और भागीदार के रूप में स्थापित करना।
हालिया उपलब्धियां और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना: मेक इन इंडिया को अभूतपूर्व गति प्रदान करने के लिए सरकार ने 1.97 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 14 प्रमुख क्षेत्रों के लिए उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (Production Linked Incentive - PLI) योजना शुरू की है। इसके परिणामस्वरूप, भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता देश बन गया है। कभी जो भारत रक्षा उपकरणों का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक था, आज वह 90 से अधिक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है, और भारत का रक्षा निर्यात हाल ही में 21,000 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। इसके अतिरिक्त, गुजरात और असम में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग इकाइयों (Semiconductor Fabs) की स्थापना यह सुनिश्चित कर रही है कि भारत 21वीं सदी की तकनीकी क्रांति में सबसे आगे रहे। 'मेक इन इंडिया' अब 'मेक फॉर द वर्ल्ड' (Make for the World) के एक नए और वृहद स्वरूप में परिवर्तित हो चुका है।
5. महत्वपूर्ण अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs - Today's Current Affairs)
आगामी प्रारंभिक परीक्षाओं (Prelims) में आपकी सटीकता और त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision) सुनिश्चित करने के लिए, आज के घटनाक्रमों पर आधारित 10 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके विश्लेषणात्मक उत्तर नीचे दिए गए हैं:
प्रश्न 1: वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) का 85वां स्थापना दिवस किस तिथि को मनाया गया?
संक्षिप्त उत्तर: 26 सितंबर 2026 को।
विस्तृत उत्तर: भारत के सबसे बड़े और प्रमुख अनुसंधान और विकास (R&D) संगठन, CSIR की स्थापना 26 सितंबर 1942 को प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. शांति स्वरूप भटनागर के नेतृत्व में की गई थी। वर्ष 2026 में, इसने देश भर में अपनी 37 प्रयोगशालाओं में विभिन्न वैज्ञानिक कार्यक्रमों और 'ओपन डे' का आयोजन करते हुए अपना 85वां स्थापना दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया।
प्रश्न 2: भारत में CSIR का पदेन अध्यक्ष (Ex-officio President) कौन होता है?
संक्षिप्त उत्तर: भारत के प्रधानमंत्री।
विस्तृत उत्तर: वैधानिक संरचना के अनुसार, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के पदेन अध्यक्ष सदैव भारत के प्रधानमंत्री होते हैं। जबकि, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री इस परिषद के उपाध्यक्ष (Vice President) का पदभार संभालते हैं। इसका प्रशासनिक और वैज्ञानिक नेतृत्व एक महानिदेशक (Director General) द्वारा किया जाता है।
प्रश्न 3: विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस (World Environmental Health Day) प्रतिवर्ष कब मनाया जाता है और इसकी शुरुआत किसने की?
संक्षिप्त उत्तर: 26 सितंबर को; इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एनवायर्नमेंटल हेल्थ (IFEH) द्वारा।
विस्तृत उत्तर: विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस हर साल 26 सितंबर को वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। इसकी औपचारिक शुरुआत वर्ष 2011 में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एनवायर्नमेंटल हेल्थ (IFEH) द्वारा की गई थी। यह दिवस इस तथ्य पर प्रकाश डालता है कि वायु, जल और मृदा की गुणवत्ता का मानव स्वास्थ्य पर सीधा और गहरा प्रभाव पड़ता है।
प्रश्न 4: संयुक्त राष्ट्र द्वारा 'परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस' किस तिथि को घोषित किया गया है?
संक्षिप्त उत्तर: 26 सितंबर को।
विस्तृत उत्तर: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने दिसंबर 2013 में एक संकल्प (68/32) पारित करके प्रतिवर्ष 26 सितंबर को 'परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस' के रूप में घोषित किया था। इसका मुख्य लक्ष्य परमाणु हथियारों के विनाशकारी मानवीय परिणामों के बारे में वैश्विक जन जागरूकता बढ़ाना और परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में देशों को प्रेरित करना है।
प्रश्न 5: 'नो फर्स्ट यूज़' (No First Use - NFU) नीति किस देश के परमाणु सिद्धांत का एक प्रमुख आधारस्तंभ है?
संक्षिप्त उत्तर: भारत और चीन।
विस्तृत उत्तर: 1998 के पोखरण-II परमाणु परीक्षणों के बाद, भारत ने अपनी आधिकारिक परमाणु नीति (Nuclear Doctrine) की घोषणा की, जिसका सबसे प्रमुख सिद्धांत 'नो फर्स्ट यूज़' (NFU) है। इसका अर्थ है कि भारत कभी भी किसी संघर्ष में अपनी ओर से पहले परमाणु हथियार का उपयोग नहीं करेगा। इसके अलावा, भारत केवल 'विश्वसनीय न्यूनतम निवारक' बनाए रखने में विश्वास रखता है। (चीन भी NFU नीति का पालन करता है)।
प्रश्न 6: 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल को किस वर्ष लॉन्च किया गया था?
संक्षिप्त उत्तर: 25 सितंबर 2014 को।
विस्तृत उत्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को वैश्विक विनिर्माण (Manufacturing) का एक प्रमुख केंद्र बनाने, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से 25 सितंबर 2014 को 'मेक इन इंडिया' योजना की शुरुआत की थी। सितंबर 2026 में इस योजना ने अपने सफल कार्यान्वयन के 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
प्रश्न 7: भारत में 'पर्पल रिवोल्यूशन' (बैंगनी क्रांति) का संबंध मुख्य रूप से किस फसल की खेती से है और इसे किसने बढ़ावा दिया?
संक्षिप्त उत्तर: लेवेंडर (Lavender) की खेती से; CSIR के अरोमा मिशन के तहत।
विस्तृत उत्तर: 'पर्पल रिवोल्यूशन' या बैंगनी क्रांति का संबंध जम्मू और कश्मीर राज्य में लेवेंडर (सुगंधित फूल) की खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने से है। इसे वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के 'अरोमा मिशन' (Aroma Mission) के तहत शुरू किया गया था। इस पहल ने किसानों की आय में भारी वृद्धि की है और कृषि क्षेत्र में नवाचार का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
प्रश्न 8: भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) का मुख्य लक्ष्य क्या है?
संक्षिप्त उत्तर: 2026 तक 131 शहरों में पार्टिकुलेट मैटर (PM10/PM2.5) सांद्रता को 40% तक कम करना।
विस्तृत उत्तर: वर्ष 2019 में लॉन्च किए गए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) का उद्देश्य पर्यावरण स्वास्थ्य में सुधार करना है। हालिया अद्यतन (Updates) के अनुसार, इसका लक्ष्य देश के 131 'नॉन-अटेनमेंट शहरों' (जिनकी वायु गुणवत्ता राष्ट्रीय मानकों से खराब है) में वर्ष 2026 तक पार्टिकुलेट मैटर (PM) के स्तर में 40% तक की भारी कमी लाना है।
प्रश्न 9: विज्ञान के क्षेत्र में दिया जाने वाला भारत का सबसे प्रतिष्ठित 'शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार' (Shanti Swarup Bhatnagar Prize) किस संस्था द्वारा प्रदान किया जाता है?
संक्षिप्त उत्तर: वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) द्वारा।
विस्तृत उत्तर: यह पुरस्कार CSIR के संस्थापक निदेशक डॉ. शांति स्वरूप भटनागर के सम्मान में 1958 में स्थापित किया गया था। यह भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहु-विषयक (Multi-disciplinary) अनुसंधान के लिए दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। आमतौर पर यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 26 सितंबर को CSIR के स्थापना दिवस पर ही घोषित और प्रदान किया जाता है (हाल ही में इसे राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों के ढांचे में एकीकृत किया गया है)।
प्रश्न 10: 'वन हेल्थ' (One Health) दृष्टिकोण का मूल अर्थ क्या है जो विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस की थीम से जुड़ा है?
संक्षिप्त उत्तर: मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण स्वास्थ्य के बीच अन्योन्याश्रित संबंध।
विस्तृत उत्तर: 'वन हेल्थ' (One Health) एक एकीकृत और बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण है जो इस तथ्य को मान्यता देता है कि मनुष्यों का स्वास्थ्य, घरेलू और जंगली जानवरों के स्वास्थ्य और उस व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के स्वास्थ्य से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है जिसमें वे सह-अस्तित्व में रहते हैं। कोविड-19 जैसी ज़ूनोटिक (Zoonotic) बीमारियों की रोकथाम के लिए यह दृष्टिकोण वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है।
निष्कर्ष और परीक्षा उपयोगी अंतिम दृष्टिकोण
26 सितंबर 2026 के इन सभी महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का समग्रता से विश्लेषण करने पर यह पूर्णतः स्पष्ट हो जाता है कि एक राष्ट्र के रूप में भारत का विकास और वैश्विक स्तर पर उसकी कूटनीतिक भूमिका एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं। एक ओर जहाँ CSIR का 85वां स्थापना दिवस और 12 वर्षों का 'मेक इन इंडिया' का सफर भारत की बढ़ती वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता, औद्योगिक शक्ति और 'आत्मनिर्भर भारत' (Self-reliant India) के स्वदेशी दृष्टिकोण को प्रमाणित करता है; वहीं दूसरी ओर, 'विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस' और 'परमाणु हथियारों के उन्मूलन का अंतर्राष्ट्रीय दिवस' वैश्विक चुनौतियों के प्रति भारत की संवेदनशील और जिम्मेदार नीतियों को उजागर करते हैं। सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रत्येक अभ्यर्थी को यह समझना होगा कि समसामयिकी (Current affairs) केवल तथ्यों को रटने का विषय नहीं है, बल्कि यह विभिन्न विषयों (विज्ञान, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के बीच के अंतर्संबंधों (Inter-linkages) को समझने की एक बौद्धिक प्रक्रिया है। जब आप उत्तर लेखन (Answer Writing) का अभ्यास करें, तो 'मेक इन इंडिया' की आर्थिक सफलता को CSIR के तकनीकी नवाचारों से जोड़ें, और पर्यावरण स्वास्थ्य की चुनौतियों को वैश्विक सहयोग से हल करने का दृष्टिकोण प्रस्तुत करें। यही समग्र और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण आपको परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने में सहायता करेगा।
प्रिय छात्रों, Saint Joseph's Academy Foundation द्वारा प्रस्तुत आज के करेंट अफेयर्स का यह अत्यंत विस्तृत और गहन विश्लेषणात्मक संकलन आपको कैसा लगा? हम निरंतर यह प्रयास करते हैं कि आपकी परीक्षा की तैयारी में कोई भी कमी न रहे। कृपया नीचे कमेंट (Comment) करके अपने महत्वपूर्ण विचार, कोई भी शंका (Doubt) या सुझाव हमारे साथ अवश्य साझा करें। यदि आपको हमारा यह ब्लॉग पोस्ट ज्ञानवर्धक और परीक्षा के दृष्टिकोण से उपयोगी लगा हो, तो कृपया अपना भरपूर समर्थन दर्शाने के लिए इस पोस्ट पर एक थंब्स अप (👍) अवश्य दें। आपकी सकारात्मक और उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया ही हमें आपके लिए प्रतिदिन ऐसी ही निःशुल्क, प्रामाणिक और उच्च-गुणवत्ता वाली शैक्षणिक सामग्री तैयार करने के लिए प्रेरित करती है। अपनी पढ़ाई में पूरी तरह से समर्पित रहें, निरंतर अभ्यास करें और अपने सपनों की ओर दृढ़ता से कदम बढ़ाएं। आपकी आगामी परीक्षाओं के लिए अनन्त शुभकामनाएँ!
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